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विशेष लेखन क्या है ?|विशेष लेखन की भाषा और शैली

 विशेष लेखन - स्वरूप और प्रकार                 विशेष लेखन क्या है ? किसी खास विषय पर सामान्य लेखन से हटकर कि किया गया लेखन विषय लेखन कहलाता है।               डेस्क किसे कहते है ? समाचार पत्र -पत्रिकाओं रेडियो और टीवी में विशेष लेखन के लिए अलग डेस्क होता है उस विशेष डेस्क और काम करने वाले पत्रकारों का समूह भी अलग होता है किस से अपेक्षा की जाती है कि संबंधित विषय या क्षेत्र मैं उनकी विशेषज्ञता होगी।                               बीट किसे कहते है ? संवाददाताओं के बीच काम का विभाजन आम तौर पर उनकी दिलचस्पी और ज्ञान को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। मीडिया की भाषा में इसे बीट कहते हैं।        विशेष लेखन की भाषा और शैली • विशेष लेखन का संबंध जिन विषयों और क्षेत्रों से होता है, उनमें से अधिकांश तकनीकी रूप से जटिल होते हैं और उससे जुड़ी घटनाओं और मुद्दों को समझना आम पाठकों के लिए कठिन होता है। इसलिए इन क्षेत्रों...

प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक शोषण की समस्या|पर्यावरण को कैसे बचाया जाए?

             पर्यावरण एवं सतत विकास                पर्यावरण किसे कहते हैं? पर्यावरण उन सभी परिस्थितियों और उनके प्रभावों को कहा जाता है जो मानव जीवन को प्रभावित करते हैं। यह सभी संसाधनों और उसके आस- पड़ोस के वातावरण का कुल जोड़ है। इसमें जैविक तत्व जैसे- पौधे एवं जीव-जंतु तथा अजैविक तत्व जैसे- जल, वायु आदि को सम्मिलित किया जाता है।                        पर्यावरण के महत्व क्या है? 1) पर्यावरण उत्पादन के लिए संसाधन प्रदान करता है: पर्यावरण के अंतर्गत भौतिक संसाधनों ( खनिज, लकड़ी, पानी, मिट्टी आदि) को शामिल किया जाता है, जो हमें प्रकृति से नि:शुल्क प्रकार के रूप में उपलब्ध है। यह सारे संसाधन उत्पादन में आगत के रूप में प्रयोग होता है। 2) पर्यावरण जीवन धारणा में सहायक है: पर्यावरण के अंतर्गत सूर्य, मिट्टी, जल एवं वायु आदि को शामिल किया जाता है जो मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण उपादान हैं। पर्यावरण के इन तत्वों की अनुपस्थिति का अर्थ है जीवन की अनुप...

कार्यबल का अनियमितीकरण से क्या अभिप्राय है ?|श्रम आपूर्ति से क्या अभिप्राय है ?

               रोजगार और बेरोजगारी                   बेरोजगारी क्या है ? बेरोजगारी के से अभिप्राय ऐसी स्थिति से है जिसमें उन सभी लोगों को काम नहीं मिलता जो प्रचलित मजदूरी दर पर काम करने के इच्छुक होते हैं तथा काम करने के लिए योग्य होते हैं।                      श्रमिक कौन है ? श्रमिक यह व्यक्ति है जो किसी उत्पादन क्रिया लगा होता है।       मजदूरों के कितने प्रकार होते है ? मजदूरों  के दो प्रकार होते हैं।  i) स्वनियोजित मजदूर ii) भाड़े के मजदूर                    स्वनियोजित मजदूर ये वह लोग होते हैं जो अपने ही व्यापार अथवा व्यवसाय मैं लगे होते हैं।                        भाड़े के मजदूर यह वह लोग होते हैं जो दूसरों के लिए काम करते हैं। भाड़े के मजदूर के कितने प्रकार होते हैं ? भाड़े के मजदूर के दो प्रकार हो...

आधारिक संरचना|Infrastructure

आधारिक संरचना|Infrastructure                     आधारिक संरचना क्या है ? आधारिक रचना से अभिप्राय देश की आर्थिक और सामाजिक विकास की सहयोगी व्यवस्था से है।        आधारिक रचना कितने प्रकार के होते है ?              आधारिक रचना के दो प्रकार हैं। 1) आर्थिक आधारिक संरचना 2) सामाजिक आधारिक संरचना                             आर्थिक आधारिक संरचना आर्थिक आधारिक संरचना से अभिप्राय सहयोगी व्यवस्था (जैसे- शक्ति, परिवहन तथा संचार) के उन तत्वों से हैं। जो अर्थव्यवस्था में उत्पादन गतिविधियां के लिए प्रेरक -शक्ति के रूप में कार्य करती है।                          सामाजिक आधारिक संरचना सामाजिक आधारिक संरचना से अभिप्राय सहयोगी व्यवस्था के कुल तत्व ( जैसे- स्कूल,कॉलेज, अस्पताल तथा नर्सिंग होम) से है। जो किसी देश के सामाजिक विकास के लिए प्रेरक शक्ति के रूप में कार्य...

चीन एवं पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना|भारत ,पाकिस्तान तथा चीन का विकास

     भारत ,पाकिस्तान तथा चीन की विकास नीति                  पाकिस्तान में विकास रणनीतियां i)  पाकिस्तान ने सर्वजनिक तथा निजी क्षेत्र वाले मिश्रित अर्थव्यवस्था प्रणाली को अपनाया। ii) 1988 में संरचनात्मक आर्थिक सुधार लागू किए गए जो निजी क्षेत्रक को प्रोत्साहन देना था। iii) सन्  1970 के दशक में पूंजीगत वस्तुओं के उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया गया।                      चीन में विकास रणनीतियां i) सन्  1958 में द ग्रेट लीप फॉरवड नामक अभियान शुरू किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर देश का औद्योगिकीकरण करना था। इस अभियान से लोगों को अपने घरों कें पिछवाड़े में उद्योगों लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। ii) विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापना किए गए। ऐसे भौगोलिक क्षेत्र जिनमें विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के ध्येय से देश के सामान्य आर्थिक कानूनों को लागू नहीं किया जाता विशेष आर्थिक क्षेत्र कहलाते हैं। iii) चीनी में गणराज्...

Concepts of Cost|लागत की अवधारणाएँ|लागत क्या है ?

 Concepts of Cost|लागत की अवधारणाएँ|लागत से क्या है ?                  लागत से क्या अभिप्राय है? उत्पादक द्वारा कारक आगतों (जैसे- भूमि,श्रम तथा पूँजी) तथा गैर- कारक आगतों (जैसे- कच्चा माल) की खरीद पर किए गए खर्च को कहा जाता है।                                 लागत के प्रकार i) स्पष्ट लागत ii) निहित लागत iii) अवसर लागत iv) कुल लागत V) औसत लागत Vi) सीमांत लागत                                 स्पष्ट लागत से क्या अभिप्राय है ? स्पष्ट लागत अभिप्राय है की जो उन साधनों पर व्यय की जाती है जिन्हें एक फर्म बहार से प्राप्त करता है।                    निहित लागत  से क्या अभिप्राय है ? निहित लागत से अभिप्राय की सभी आगतों बाजार में खरीदी नहीं जाती है। उत्पादक स्व-स्वामित्व आदतों का भी उत्पादन प्रक्रिया में प्रयोग करता है। इसे ...

उत्पादन फलन और एक कारक के प्रतिफल|Production function and returns to a factor|what is production function

 उत्पादन फलन और एक कारक के प्रतिफल|Production function and returns to a factor             उत्पादन फलन से क्या अभिप्राय है ? भौतिक आगतों (जैसे पूँजी की 20 इकाइयाँ तथा श्रम की 15 इकाइयाँ) तथा भौतिक उत्पादन (उत्पादित वस्तु  की 200 इकाइयाँ) के  बीच यह संबंध उत्पादन फलन कहलाता है।           उत्पादन फलन के कितने प्रकार होते है ? उत्पादन फलन के दो प्रकार होते है: i)अल्पकालीन उत्पादन फलन  ii)  दीर्घकालिक उत्पादन फलन                 अल्पकालीन उत्पादन फलन  यह वह उत्पादन फलन है जिसमें उत्पादन के स्तर मैं परिवर्तन होने के साथ कारक अनुपात में परिवर्तन होता है।               दीर्घकालिक उत्पादन फलन  यह वह उत्पादन फलन है जिसमें उत्पादन के स्तर मैं परिवर्तन होने के साथ कारक अनुपात में परिवर्तन नहीं होता है।                   स्थिर तथा परिवर्ती कारक  स्थिर कारक : स्थिर कारक...