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चीन एवं पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना|भारत ,पाकिस्तान तथा चीन का विकास

     भारत ,पाकिस्तान तथा चीन की विकास नीति                  पाकिस्तान में विकास रणनीतियां i)  पाकिस्तान ने सर्वजनिक तथा निजी क्षेत्र वाले मिश्रित अर्थव्यवस्था प्रणाली को अपनाया। ii) 1988 में संरचनात्मक आर्थिक सुधार लागू किए गए जो निजी क्षेत्रक को प्रोत्साहन देना था। iii) सन्  1970 के दशक में पूंजीगत वस्तुओं के उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया गया।                      चीन में विकास रणनीतियां i) सन्  1958 में द ग्रेट लीप फॉरवड नामक अभियान शुरू किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर देश का औद्योगिकीकरण करना था। इस अभियान से लोगों को अपने घरों कें पिछवाड़े में उद्योगों लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। ii) विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापना किए गए। ऐसे भौगोलिक क्षेत्र जिनमें विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के ध्येय से देश के सामान्य आर्थिक कानूनों को लागू नहीं किया जाता विशेष आर्थिक क्षेत्र कहलाते हैं। iii) चीनी में गणराज्...

Concepts of Cost|लागत की अवधारणाएँ|लागत क्या है ?

 Concepts of Cost|लागत की अवधारणाएँ|लागत से क्या है ?                  लागत से क्या अभिप्राय है? उत्पादक द्वारा कारक आगतों (जैसे- भूमि,श्रम तथा पूँजी) तथा गैर- कारक आगतों (जैसे- कच्चा माल) की खरीद पर किए गए खर्च को कहा जाता है।                                 लागत के प्रकार i) स्पष्ट लागत ii) निहित लागत iii) अवसर लागत iv) कुल लागत V) औसत लागत Vi) सीमांत लागत                                 स्पष्ट लागत से क्या अभिप्राय है ? स्पष्ट लागत अभिप्राय है की जो उन साधनों पर व्यय की जाती है जिन्हें एक फर्म बहार से प्राप्त करता है।                    निहित लागत  से क्या अभिप्राय है ? निहित लागत से अभिप्राय की सभी आगतों बाजार में खरीदी नहीं जाती है। उत्पादक स्व-स्वामित्व आदतों का भी उत्पादन प्रक्रिया में प्रयोग करता है। इसे ...

उत्पादन फलन और एक कारक के प्रतिफल|Production function and returns to a factor|what is production function

 उत्पादन फलन और एक कारक के प्रतिफल|Production function and returns to a factor             उत्पादन फलन से क्या अभिप्राय है ? भौतिक आगतों (जैसे पूँजी की 20 इकाइयाँ तथा श्रम की 15 इकाइयाँ) तथा भौतिक उत्पादन (उत्पादित वस्तु  की 200 इकाइयाँ) के  बीच यह संबंध उत्पादन फलन कहलाता है।           उत्पादन फलन के कितने प्रकार होते है ? उत्पादन फलन के दो प्रकार होते है: i)अल्पकालीन उत्पादन फलन  ii)  दीर्घकालिक उत्पादन फलन                 अल्पकालीन उत्पादन फलन  यह वह उत्पादन फलन है जिसमें उत्पादन के स्तर मैं परिवर्तन होने के साथ कारक अनुपात में परिवर्तन होता है।               दीर्घकालिक उत्पादन फलन  यह वह उत्पादन फलन है जिसमें उत्पादन के स्तर मैं परिवर्तन होने के साथ कारक अनुपात में परिवर्तन नहीं होता है।                   स्थिर तथा परिवर्ती कारक  स्थिर कारक : स्थिर कारक...

माँग की लोच से क्या अभिप्राय है ?|माँग की कीमत लोच को प्रभावित करने वाले कारक|माँग की कीमत लोच का माप

 माँग की कीमत लोच|Price Electricity of demand              माँग की लोच से क्या अभिप्राय है ? एक वस्तु की कीमत, उपभोक्ता की आय तथा संबंधित वस्तुओं की कीमत मे परिवर्तन होने से उस वस्तु की माँग की मात्रा में होने वाले परिवर्तन माप को माँग की लोच कहा जाएगा । माँग  की कीमत लोच को प्रभावित करने वाले कारक  i) वस्तु कि प्रकृति  ii) विभिन्न उपभोग  iii ) उपभोक्ताओं की आदत  iv ) कीमत स्तर                                           वस्तु कि प्रकृति  अनिवार्य वस्तुओं जैसे- नमक, मिट्टी का तेल ,माचिस आदि की माँग लोचदार होती है। पूरक वस्तुओं; जैसे - ब्रेड तथा मक्का , कार तथा पेट्रोल आदि की माँग मध्यम माँग की लोच को दर्शाती है।                              विभिन्न उपभोग  जिन वस्तुओं के विभिन्न उपयोग होते हैं उनकी माँग लोचदार होती है। उदाहरण क...

माँग का सिद्धांत| Theory of demand|what is individual demand and Market demand

 माँग का सिद्धांत| Theory of demand               माँग से क्या अभिप्राय है ? माँग से अभिप्राय एक वस्तु की उन विभिन्न संभव मात्राओं से है जो कोई उपभोक्ता उस वस्तु की विभिन्न संभव कीमतों पर खरीदने के लिए तैयार है।          माँगी गई मात्रा से क्या अभिप्राय है? माँगी गई मात्रा से अभिप्राय उस विशेष मात्रा से हैं जो वस्तु की एक विशिष्ट कीमत पर खरीदी जाती है।                      माँग अनुसूची से क्या अभिप्राय है ? माँग अनुसूची वह तालिका है जो किसी वस्तु की विभिन्न कीमतों पर खरीदी गई उस वस्तु की विभिन्न मात्रा को प्रकट करती है।          माँग अनुसूची कितने प्रकार की होती ? i) व्यक्तिगत माँग अनुसूची ii) बाजार माँग अनुसूची                    व्यक्तिगत माँग अनुसूची व्यक्तिगत माँग अनुसूची से अभिप्राय बाजार में एक व्यक्तिगत उपभोक्ता की माँग अनुसूची से है ।           ...

उपभोक्ता संतुलन तटस्थता वक्र विश्लेषण|Consumer's Equilibrium Indifference Curve Analysis|Properties of Indifference Curve

 उपभोक्ता संतुलन तटस्थता वक्र विश्लेषण|Consumer's Equilibrium Indifference Curve Analysis   तटस्थता वक्र विश्लेषण उपयोगिता विश्लेषण में अंतर                      उपयोगिता विश्लेषण • उपयोगिता विश्लेषण की आधारभूत सीमा यह है कि यहाँ उपयोगिता के गणवाचक माफ की मान्यता पर आधारित है। • इस मान्यता मेें उपयोगिता को गणवाचक संख्याओं; जैसे- 1,2,3 आदि में व्यक्त किया जा सकता है।                     तटस्थता वक्र विश्लेषण • तटस्थता वक्र विश्लेषण की अवधारणा क्रमवाचक माप पर आधारित है । • इस अवधारणा के अनुसार, उपयोगिता को केवल उच्च या निम्न के अनुसार क्रम के रूप में दिया जा सकता है। • इसे कभी भी 1,2,3 आदि जैसे इकाइयों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। भुगतान संतुलन के तटस्थता वक्र विश्लेषण की मान्यताएँ i) उपभोक्ता की मौद्रिक आय दी हुई है तथा उसमें परिवर्तन नहीं होता है। ii) दोनों वस्तु एक-दूसरे के प्रतिस्थापन होती है। iii) उपभोक्ता विवेकशील है । वह सदैव अपनी संतुष्टि को अधिकतम करता...

उपभोक्ता संतुलन उपयोगिता विश्लेषण|Consumer's Equilibrium utility Analysis|what is utility

उपभोक्ता संतुलन उपयोगिता विश्लेषण|Consumer's Equilibrium utility Analysis  उपभोक्ता कौन है ?   वह कोई भी व्यक्ति जो वस्तुओं  और सेवाओं का उपभोग करने के लिए खरीता है तथा उसका उपभोग करता है। उसे  उपभोक्ता कहते हैं।   उपयोगिता से क्या अभिप्रय हैं ? उपयोगिता का अभिप्रया किसी वस्तु के उपभोग से प्राप्त होने वाली संतुष्टि से हे।       उपयोगिता को कैसे माप जाता हैं ?  उपयोगिता को दो तरीको से मापा जाता है।  i )  उपयोगिता के गणवाचक मापा    ii )  उपयोगिता के क्रमवाचक मापा                  उपयोगिता के गणवाचक मापा    उपयोगिता के गणवाचक मापा का अर्थ है कि उपयोगिता को  गणवाचक संख्याओं में अथवा इकाइयों ; जैसे - 1,2,3,के रूप में मापा जा सकता है।              उपयोगिता के क्रमवाचक मापा   क्रमवाचक मापा का अर्थ है कि उपयोगिता को केवल  संतुष्टि के स्तर के अनुसार क्रम के रूप ...